ये तीर नजर हे या कातिल निगाहे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये तीर नजर है या कातिल निगाहे,

बनता है जिसके भी दिल को निशाना,

उसे याद रहता नही ये जमाना,

तुम्हारी तदप का दर्द यो सहा है,

उसी ने दीवानों को हस कर कहा है,

बनता है जिसके भी दिल में ठिकाना,

उसे याद रहता नही ये जमाना

ज़रा पूछो उन्हों से जो है भुक्त भोगी,

कोई हुआ पागल कोई हुआ जोगी,

सुनता है मुरली से जिसको तराना,

उसे याद रहता नही ये जमाना,

आज का नही है खेल है पुराना,

दीवानों के दिल पे ये जादू चलना,

दिखता है जिसको भी दर्शन सुहाना,

उसे याद रहता नही ये जमाना,

छन छना रही है प्रेम पत पे पायल,

बेधड़क लोगो को किया इसने घ्याल,

इसे और इसके खेलो को जाना,

उसे याद रहता नही ये जमाना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।