मंदिर के पट खोल भगत तेरे द्वार खड़े

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मंदिर के पट खोल भगत तेरे द्वार खड़े,

द्वार खड़े तेरे द्वार खड़े,

ओ बाबा...

कुछ तो मुख से बोल भगत तेरे द्वार खड़े,

मंदिर के पट खोल भगत तेरे द्वार खड़े....

दर्शन की अभिलाषा भारी,

दर्श दिखाओ श्याम बिहारी,

दर्शन तेरे अनमोल भगत तेरे द्वार खड़े,

मंदिर के पट खोल भगत तेरे द्वार खड़े....

मन की बात कहेंगे तुमसे,

क्यों नारज हुए तुम हमसे,

मत कर टाल मटोल भगत तेरे द्वार खड़े,

मंदिर के पट खोल भगत तेरे द्वार खड़े.....

एक सहारा श्याम तुम्हारा,

इस दुनिया में तू ही हमारा,

करते नहीं मखोल भगत तेरे द्वार खड़े,

मंदिर के पट खोल भगत तेरे द्वार खड़े....

श्याम सुन्दर मत और सताओ,

पट खोलो दर्शन दिखलाओ,

कुछ नहीं लगना मोल भगत तेरे द्वार खड़े,

मंदिर के पट खोल भगत तेरे द्वार खड़े,

द्वार खड़े तेरे द्वार खड़े,

ओ बाबा..

कुछ तो मुख से बोल भगत तेरे द्वार खड़े,

मंदिर के पट खोल भगत तेरे द्वार खड़े......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।