कुंडला वाल्या मान मैनूं तेरे ते

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हारांवाल्या, कुंडलावाल्या मान मैनूं तेरे ते,

हारांवाल्या, राधा वाल्या माने मैंनू तेरे ते.....

मेरी गंगा भी तू,

मेरी यमुना भी तु,

मेरा सात समंदर है तू,

मान मैनु तेरे ते,

हारांवाल्या, कंडलावाल्या.....

मेरा सूरज भी तू,

मेरा चंदा भी तू,

मेरा नौ लाख तारा तू,

मान मैंनू तेरे ते,

हारांवाल्या, कुडलावाल्या.....

मेरा ब्रह्म भी तू,

मेरा विष्णू भी तू,

मेरा शिव परिवार है तू,

मान मैनू तेरे ते,

हारांवाल्या, कुंडलावाल्या.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।