बाबा ये फरियाद

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कतरा कतरा बहते बहते,

बाबा ये फरियाद करे,

उसकी आस कभी ना टूटे,

जो बस तुझको याद करे,

कतरा कतरा बहते बहते,

बाबा ये अरदास करे......

बड़ी कठिन है राह लगन की,

तेरे सहारे चल लेंगे,

प्रेमी कहते बाबा अपने,

हर मुश्किल का हल देंगे,

उसका कोई कैसे बिगाड़े,

तू जिसके सर हाथ धरे,

कतरा कतरा बहते बहते,

बाबा ये अरदास करे.......

मन की बातें जिसको कह दे,

वो एक तू है सांवरिया,

तू प्रेमी के भाव को देखे,

किसने क्या अर्पण किया,

तू उन नैनो में बस जाए,

जो नैना है प्रेम भरे,

कतरा कतरा बहते बहते,

बाबा ये अरदास करे.......

पकड़ के रखना हाथ हमारा,

भवसागर तर जाएंगे,

अपने लायक हमें बना लो,

तो सेवा कर पाएंगे,

जब जब जनम मिले 'पंकज'को,

तुम रहना बस नाथ मेरे,

कतरा कतरा बहते बहते,

बाबा ये अरदास करे.......

कतरा कतरा बहते बहते,

बाबा ये फरियाद करे,

उसकी आस कभी ना टूटे,

जो बस तुझको याद करे,

कतरा कतरा बहते बहते,

बाबा ये अरदास करे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।