खाटू में मन्दिर का विस्तार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

काहे घबराये प्यारे, हो जायेंगे वारे न्यारे,

काहे घबराये प्यारे, हो जायेंगे वारे न्यारे......

अरे खाटू में मन्दिर का विस्तार होगा,

श्याम बाबा का दर्शन जोरदार होगा,

अरे खाटू में मन्दिर का विस्तार होगा,

श्याम बाबा का दर्शन जोरदार होगा.......

बाबा का मेला, होगा अलबेला,

बाबा का मेला, होगा अलबेला,

पहले से ज्यादा होगा भक्तों का रेला,

पहले से ज्यादा होगा भक्तों का रेला,

खत्म सारा भक्तों का इन्तजार होगा,

श्याम बाबा का दर्शन जोरदार होगा......

काहे घबराये प्यारे, हो जायेंगे वारे न्यारे,

काहे घबराये प्यारे, हो जायेंगे वारे न्यारे,

अरे खाटू में मन्दिर का विस्तार होगा,

श्याम बाबा का दर्शन जोरदार होगा.......

ना धक्का मुक्की, ना ही झमेला,

ना धक्का मुक्की, ना ही झमेला,

ना खींचातानी ना खेलीखेला,

ना खींचातानी ना खेलीखेला,

एक दूजे के प्रति बड़ा प्यार होगा,

श्याम बाबा का दर्शन जोरदार होगा.......

काहे घबराये प्यारे, हो जायेंगे वारे न्यारे,

काहे घबराये प्यारे, हो जायेंगे वारे न्यारे,

अरे खाटू में मन्दिर का विस्तार होगा,

श्याम बाबा का दर्शन जोरदार होगा.......

ऊंचे सिंहासन बैठेंगे बाबा,

ऊंचे सिंहासन बैठेंगे बाबा,

अपने भक्तों को निरखेंगे बाबा,

अपने भक्तों को निरखेंगे बाबा,

श्याम के ही भक्तों का उद्धार होगा,

श्याम बाबा का दर्शन जोरदार होगा......

काहे घबराये प्यारे, हो जायेंगे वारे न्यारे,

काहे घबराये प्यारे, हो जायेंगे वारे न्यारे,

अरे खाटू में मन्दिर का विस्तार होगा,

श्याम बाबा का दर्शन जोरदार होगा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।