बस्ते है श्यामधणी सांसो में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जागु या सोऊ रातो में बस स्याम नाम रहे बातो में,

बस्ते है मेरे स्यामधनि मेरी धड़कन मेरी साँसों में,

बस्ते है मेरे स्याम धनी मेरी धड़कन मेरी सासों में,

जागु या सोऊ रातो में बस स्याम नाम रहे बातो में,

बस्ते है मेरे स्यामधनी मेरी धड़कन मेरी सासों में,

जागु या सोऊ रातो में......

जब भी कोई संकट आता है स्याम जी आकर बचते है,

स्याम चालीसा पढ़ते ही सारे संकट ये टल जाते है,

जब भी कोई संकट आता है स्याम जी आकर बचते है,

स्याम चालीसा पढ़ते ही सारे संकट ये टल जाते है,

स्याम हौसला देते है अच्छे या बुरे हालातो में,

बस्ते है मेरे स्याम धनि मेरी धड़कन मेरी साँसों में,

जागु या सोऊ रातो में......

मै हूँ कौन कुछ करने वाली घर मेरा साँवरे चलते है,

जब भी मै अकेली होती हूँ पल पल मेरा साथ निभाते है,

मै हूँ कौन कुछ करने वाली घर मेरा साँवरे चलते है,

जब भी मै अकेली होती हूँ पल पल मेरा साथ निभाते है,

ठोकर लगे तो मै गिरती नहीं मेरा हाथ है उनके हाथो में,

बस्ते है मेरे स्याम धनि मेरी धड़कन मेरी साँसों में,

जागु या सोऊ रातो में.....

मै किसी और दर क्यों जाऊं श्याम का दर मेरी मंजिल है,

जहाँ पर एक बार जाकर के कट जाती हर एक मुश्किल है,

मै किसी और दर क्यों जाऊं श्याम का दर मेरी मंजिल है,

जहाँ पर एक बार जाकर के कट जाती हर एक मुश्किल है,

परिवार ना मेरा भीगता है गर्दिस की बरसातों में,

बस्ते है मेरे स्याम धनि मेरी धड़कन मेरी साँसों में,

जागु या सोऊ रातो में बस स्याम नाम रहे बातो में,

बस्ते है मेरे स्याम धनी मेरी धड़कन मेरी सासों में,

जागु या सोऊ रातो में बस स्याम नाम रहे बातो में.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।