ग्यारस की रात

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हर ग्यारस की बाबा,

तेरी रात जगाते है,

मेरे खाटू वाले की,

हम ज्योत जगाते है......

जब ग्यारस आती है,

मेरी नींद चुराती है,

इस खाटू वाले से,

ये नैन लड़ाती है,

क्या क्या बतलाती है,

हम समझ ना पाते है,

मेरे खाटू वाले की,

हम ज्योत जगाते है.......

ओ खाटू वाले सुन,

तेरी ज्योत जगाई है,

आने में क्यों इतनी,

अब देर लगाई है,

लीले पर चढ़कर आ,

हम नैन बिछाते है,

मेरे खाटू वाले की,

हम ज्योत जगाते है.......

हर भक्तों की इच्छा,

यहाँ पूरी होती है,

घनश्याम का ये वरदान,

अधूरी ना होती है,

'मित्रमंडल' का पैगाम,

हम तुम्हे सुनाते है,

मेरे खाटू वाले की,

हम ज्योत जगाते है.......

हर ग्यारस की बाबा,

तेरी रात जगाते है,

मेरे खाटू वाले की,

हम ज्योत जगाते है…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।