तेरी रहमतो में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी रहमतों में अपनी,

औकात को ना भूले,

दिन के उजाले पाकर,

हम रात ना भूले,

तेरी रहमतों में अपनी,

औकात को ना भूले,

दिन के उजाले पाकर,

हम रात ना भूले......

अच्छे बुरे कर्म तो,

हर कोई कर रहा है,

कोई करके डर रहा है,

कोई डर से कर रहा है,

बदले हैं आजकल जो

हालात को ना भूले,

दिन के उजाले पाकर,

हम रात ना भूले,

तेरी रहमतों में अपनी,

औकात को ना भूले,

दिन के उजाले पाकर,

हम रात ना भूले......

आपस में हम लड़े ना,

किसी बात पर अड़े ना,

कोई वास्ता दुखों से,

अपना कभी पड़े ना,

है ये जिंदगी खुदा की,

सौगात को ना भूले,

दिन के उजाले पाकर,

हम रात ना भूले,

तेरी रहमतों में अपनी,

औकात को ना भूले,

दिन के उजाले पाकर,

हम रात ना भूले.......

स्वार्थ की है ये दुनिया,

हर कोई स्वार्थी है,

बस वो बचे हैं जिनका,

दाता तू सारथी है,

हम शौक भूल कर भी,

इस बात को ना भूले,

दिन के उजाले पाकर,

हम रात ना भूले,

तेरी रहमतों में अपनी,

औकात को ना भूले,

दिन के उजाले पाकर,

हम रात ना भूले........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।