मेरे श्याम के जैसा कोई नहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दुनिया में यूं तो लाखों धाम है,

बड़ा निराला खाटू श्याम,

दुनिया में यूं तो लाखों धाम है,

बड़ा निराला खाटू श्याम,

मैंने देखा ऐसा कोई नहीं,

मेरे श्याम के जैसा कोई नहीं......

सांवरिया सेठ कहाते हो तुम,

सबको गले लगाते हो,

मैंने देखा ऐसा कोई नहीं,

मेरे श्याम के जैसा कोई नहीं.......

लखदातार तुम्हें हैं कहते,

भक्तों के अंग संग हो रहते,

रखते कभी ना उनसे दूरी,

जिसने तेरा नाम लिया है,

हाथ उसी का थाम लिया है,

मिट गई हैं सारी मजबूरी,

माना के बाबा मैं हारा,

पर अब ना रहा मैं बेचारा,

तुम ने दिया जो सहारा,

दरबार जहां सरकार वहां,

राजा तो ऐसा कोई नहीं,

मैंने देखा ऐसा कोई नहीं,

मेरे श्याम के जैसा कोई नहीं........

ओ ग्यारस का दिन जब जब आये,

मेले दर पर तब लग जायें

गूंज रहे हैं जयकारे,

भक्ति में कोई तेरे मगन है,

और कोई चाहता दर्शन है,

भक्त तेरे हैं न्यारे न्यारे,

मन में है तेरी छवि समाई,

तेरे नाम की जोत जलाई,

तेरी कृपा जो पाई,

बस सिर पे हाथ तुम्हारा हो,

वरदान तो ऐसा कोई नहीं,

मेरे श्याम के जैसा कोई नहीं,

मैंने देखा ऐसा कोई नहीं,

मेरे श्याम के जैसा कोई नहीं........

दिल में तुझे बसाए भक्त,

ये करने को गुणगान भक्त,

ये श्याम तेरे दर आया,

बजते यहां पर सुर और साज हैं,

ध्यान लगा सुन हंसराज है,

चरणों में शीश झुकाया,

तुम से ही जोड़ा नाता है,

फौजी सुरेश भी ये चाहता है,

मन सभी के भाता है,

जब फूलों से दरबार सजे,

सजता है वैसा कोई नहीं,

मेरे श्याम के जैसा कोई नहीं,

मैंने देखा ऐसा कोई नहीं,

मेरे श्याम के जैसा कोई नहीं.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।