श्याम मस्ती का प्याला पिला दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आज पियेंगें, आज पियेंगें,

हम तो जी भर के,

आज पियेंगें, आज पियेंगें,

हम तो जी भर के,

श्याम मस्ती का प्याला पिला दे,

श्याम मस्ती का प्याला पिला दे,

उम्र भर नाचूं, बनके दीवाना,

श्याम ऐसी खुमारी चढ़ा दे,

श्याम ऐसी खुमारी चढ़ा दे.......

तेरी हर एक अदा क्या अदा है,

बांके चितवन पे दुनिया फिदा है,

तेरी हर एक अदा क्या अदा है,

बांके चितवन पे दुनिया फिदा है,

लोग पीते हैं, भर भर के प्याले,

हमको नजरों से, अपनी पिला दे,

श्याम ऐसी खुमारी चढ़ा दे,

श्याम ऐसी खुमारी चढ़ा दे........

लाल अधरों के तेरे कमाल है,

जिस पे ठहरी ये मुरली बेमिसाल है,

जो सुनाई थी, सारे बृज को,

हमको प्यारी, मुरलिया सुनादे,

श्याम ऐसी खुमारी चढ़ा दे,

श्याम ऐसी खुमारी चढ़ा दे.......

तेरी अंखियाँ हैं अमृत के प्याले,

पिएं अमृत नसीबों वाले,

अपनी आंखों का, अमृत पिला के,

मेरी सोई ये, किस्मत जगा दे,

श्याम ऐसी खुमारी चढ़ा दे,

श्याम ऐसी खुमारी चढ़ा दे........

आज पियेंगें, आज पियेंगें,

हम तो जी भर के,

आज पियेंगें, आज पियेंगें,

हम तो जी भर के,

श्याम मस्ती का प्याला पिला दे,

श्याम मस्ती का प्याला पिला दे,

उम्र भर नाचूं, बनके दीवाना,

श्याम ऐसी खुमारी चढ़ा दे,

श्याम ऐसी खुमारी चढ़ा दे.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।