मैं बदला सौ बार मगर दातार नही बदला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं बदला सौ बार मगर दातार नही बदला,

मेरी तरह तू मेरे सरकार नही बदला,

मुझे याद है वो दिन रोता हुआ आया था,

तूने आंसू पौंच के सीने से लगया था,

मुझे रोता हँसा के फिर मेरा रिवाज नही बदला,

मेरी तरह तू मेरे सरकार नही बदला........

मेरी जीवन गाडी तूने ही सम्बली है,

हर वार ही मेरी विपदा तूने टाली है,

आज तलक तेरा प्यार नही बदला,

मैं बदला सौ बार मगर दातार नही बदला....

हाय कदम कदम का साथी तू बना मेरा,

अब कैसे चुकाए सोनू एहसान तेरा,

आज तलक मेरे मुरारी प्यार नही बदला,

मैं बदला सौ बार मगर दातार नही बदला...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।