तूने बदल दी है मेरी रेखा नसीब की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे चलाये से चले,

नैया गरीब की,

तूने बदल दी है,

मेरी रेखा नसीब की,

तेरे चलाये से चले,

नैया गरीब की,

तूने बदल दी है,

मेरी रेखा नसीब की......

आया जो तेरे दर पे मैं,

एहसान है तेरा,

किस्मत बनाना भक्तों की,

बस काम है तेरा,

तेरे ही हाथों सौंप दी,

हम ने ये जिन्दगी,

तेरे चलाये से चले,

नैया गरीब की,

तेरे चलाये से चले,

नैया गरीब की,

तूने बदल दी है,

मेरी रेखा नसीब की......

हंसता चहकता घर मेरा,

तुने ही तो दिया,

औकात ही ना थी मेरी,

तुने बना दिया,

दरबार में तेरे ये सिर,

झुकता यूं ही नहीं,

तेरे चलाये से चले,

नैया गरीब की,

तूने बदल दी है,

मेरी रेखा नसीब की......

तेरी कृपा ना होती तो,

कैसे ये घर चलाते,

तेरी दया बिना पवन,

बच्चों को क्या खिलाते,

मुझे आज भी फिक्र नहीं,

कल भी फिक्र नहीं,

तेरे चलाये से चले,

नैया गरीब की,

तूने बदल दी है,

मेरी रेखा नसीब की......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।