खाटू के बाबा तुम श्याम हमारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू के बाबा तुम श्याम हमारे,

खाटू के बाबा तुम श्याम हमारे,

सारे जग के हो तुम ही सहारे,

सारे जग के हो तुम ही सहारे......

मैं अज्ञानी हूं बाबा, ज्ञान कहां से लाऊं,

दिल की बात बाबा, किसको सुनाऊं,

बिछड़ों को तुम ही बाबा, मिलाने वाले,

भूले राही को तुम, राह दिखाते,

खाटू के बाबा तुम श्याम हमारे,

खाटू के बाबा तुम श्याम हमारे,

सारे जग के हो तुम ही सहारे,

सारे जग के हो तुम ही सहारे.......

जग में छाया है, घोर अंधियारा,

मेरे जीवन का है, बाबा उजियारा,

सब के जीवन में, ज्योती तू जगा दे,

अपना जलवा तू, सबको दिखा दे,

खाटू के बाबा तुम श्याम हमारे,

खाटू के बाबा तुम श्याम हमारे,

सारे जग के हो तुम ही सहारे,

सारे जग के हो तुम ही सहारे........

मेरे सपनों की दुनिया, तू सजा दे,

मेरे दुखड़े बाबा, अब तो मिटा दे,

डूबी नैया तू बाबा, पार लगा दे,

मेरे बिगड़े काम, अब तो बना दे,

खाटू के बाबा तुम श्याम हमारे,

खाटू के बाबा तुम श्याम हमारे,

सारे जग के हो तुम ही सहारे,

सारे जग के हो तुम ही सहारे.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।