जब श्याम मुस्कुराये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम श्याम मेरे श्याम श्याम मेरे,

श्याम श्याम सांवरिया.....

जब श्याम मुस्कुराये गोपियों का चित्त चुराए,

ऐसी छवि पे वारी जाऊं सदा बिहारी.....

झम नैनो से बरसे देखो प्रेम भरा ये सावन,

प्रेम के रंग में भीग गई मैं हो गया तन मन पावन,

मुझपे करुणा दृष्टि रखना ऐ मेरे मन मोहन,

श्याम पलकें जब गिराए और पलकें जब उठाये,

ऐसी निगाह पे वारी जाऊं सदा बिहारी,

ऐसी छवि पे वारी जाऊं सदा बिहारी.....

काली लटे हैं माथे पे इनके चंद्र तिलक मन भावे,

अधरों पे हैं श्याम की मुरली सबकी सुध बिसरावे,

मोर मुकुट तेरे शीश पे सोहे गल बैजंती माला,

श्याम मुरली मधुर बजाये राधा भी दौड़ी आये,

ऐसी वीणू पे वारी जाऊं सदा बिहारी,

ऐसी छवि पे वारी जाऊं सदा बिहारी.....

श्याम श्याम मेरे श्याम श्याम मेरे,

श्याम श्याम सांवरिया....

इनके हाथों में मेहन्दी सोहे पाँव में पैजनिया,

नाक में इनके मोतियाँ बिराजे हाथों में कंगनिया,

चाल तेरी मन मोहे सदा नैनन में ये बस जाए,

साँसों में तुम समाये मुस्कान महिमा गाये,

मेरे श्याम पे मैं वारी जाऊं सदा बिहारी,

ऐसी छवि पे वारी जाऊं सदा बिहारी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।