ज्योत मे आन समा जा माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ज्योत में आन समा जा री तेरा होया जागरण आज,

ज्योत में आन समा जा री तेरा होया जागरण आज,

ज्योत में आन समा जा री तेरा होया जागरण आज.....

हाथ जोड़ के ध्यान लगावे,

हाथ जोड़ के ध्यान लगावे,

नाच नाच के तने बुलावे,

नाच नाच के तने बुलावे,

प्यारी की नजर लखा जा री तेरा होया जागरण आज,

प्यारी की नजर लखा जा री तेरा होया जागरण आज......

नवराता के करे व्रत माँ,

नवराता के करे व्रत माँ,

ज्योति जगावे तेरे भक्त माँ,

ज्योति जगावे तेरे भक्त माँ,

आन के दर्श दिखा जी री,

आन के दर्श दिखा जी री तेरा होया जागरण आज.....

खूब सजा दरबार देख ले,

खूब सजा दरबार देख ले,

इन भक्ता का प्यार देख ले,

इन भक्ता का प्यार देख ले,

आन के लाड लड़ा जी री तेरा होया जागरण आज......

लक्की शर्मा तेरी लगन में,

लक्की शर्मा तेरी लगन में,

प्रवीण चावरिया लगा भजन में,

प्रवीण चावरिया लगा भजन में,

लिखन का ज्ञान सीखा जा री,

लिखन का ज्ञान सीखा जा री तेरा होया जागरण आज,

ज्योत में आन समा जा री तेरा होया जागरण आज......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।