शिव शंकर भोले उमापति महादेव

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव शंकर भोले उमापति महादेव,

शंकर शिव भोले उमापति महादेव,

पालनहार परमेश्वर,

विश्वरूप महादेव,

पालनहार परमेश्वर,

विश्वरूप महादेव,

महादेव महादेव महादेव,

नाहदेवककमहदेवककमहदेव,

सुरेशम महेशाम सुरारती नासहम,

सुरारती नासहम,

विभूम विश्वनताम,

विभुत्यांग भूषं,

विभूम विश्वनताम,

विभुत्यांग भूषं,

तिरूपाक्षहमितवार कृपहुँ त्रिनेतराम,

तिरूपाक्षहमितवार कृपहुँ त्रिनेतराम,

सदाननद निमें प्रभो पंचबाद्रम,

सदाननद निमें प्रभो पंचबाद्रम,

नमस्ते नमस्ते विभोविश्वमूरते,

शिव शंकर भोले उमापति महादेव,

शंकर शिव भोले उमापति महादेव,

पालनहार परमेश्वर,

विश्वरूप महादेव,

पालनहार परमेश्वर,

विश्वरूप महादेव,

महादेव महादेव महादेव ..

नाहदेवककमहदेवककमहदेव ..

नाहदेवककमहदेवककमहदेव ..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।