जय जयकार श्याम जी की दुनिया में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय जयकार श्याम जी की दुनिया में होरी सै,

श्याम की दीवानी साड़ी दुनिया ये होरी सै,

जय जयकार श्याम जी......

श्याम खाटूवाला मालामाल कर देता,

प्रेमियों के दूर जंजाल कर देता,

भर दे भण्डार प्यारे, भर दे भण्डार प्यारे,

भर दे भण्डार कोई कमी ना होरी सै,

जय जयकार श्याम जी......

श्याम जी से तू भी प्यारे नज़रें मिला ले,

दिलवाले से तू थोड़ा दिल ये लगा ले,

दिल को संभाल प्यारे, दिल को संभाल प्यारे,

दिल को संभाल करले दिल की ये चोरी सै,

जय जयकार श्याम जी......

प्रेम की गंगा में डुबकी लगाले,

श्याम खाटूवाले को अपना बना ले,

पल में खुलेगी प्यारे, पल में खुलेगी प्यारे,

पल में खुलेगी तेरी किस्मत जो सोरी सै,

जय जयकार श्याम जी.......

नाम श्याम जी का सोने पे सुहागा,

श्याम जापे जो दीपक रहे न अभागा,

मनका सा होता प्यारे, मनका सा होता प्यारे,

मनका सा होता फूल कृपा सी होरी सै,

जय जयकार श्याम जी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।