लाख दुखो की एक दवाई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृष्णा ही तन है कृष्णा ही मान है,

कृष्णा ही हम सबके जीवन है,

कृष्णा ही तन है कृष्णा ही मान है,

कृष्णा ही हम सबके जीवन है,

कृष्णा ही तन है कृष्णा ही मान है,

कृष्णा ही हम सबके जीवन है,

कृष्णा राम है कृष्णा श्याम है,

कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,

कृष्णा राम है कृष्णा श्याम है,

कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,

कृष्णा राम है कृष्णा श्याम है,

कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,

कृष्णा ही मेरे चारो धाम है,

जिसकी महिमा सबने गाइ, जिसकी महिमा सबने गाइ,

जिसकी महिमा सबने गाइ, जिसकी महिमा सबने गाइ,

वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,

लाख दुखो की एक दवाई, लाख दुखो की एक दवाई,

वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,

कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,

कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,

कृष्णा सवास है वो विस्वास है,

कृष्णा ही से अब मेरी आश् है,

कृष्णा सवास है वो विस्वास है,

कृष्णा ही से अब मेरी आश् है,

कृष्णा सवास है वो विस्वास है,

कृष्णा करम है कृष्णा धरम है

कृष्णा का तो कन कन मेी बाज़ है,

कृष्णा करम है कृष्णा धरम है

कृष्णा का तो कन कन मेी बाज़ है,

कृष्णा का तो कन कन मेी बाज़ है,

दूर करे मेरे कठिनाई, दूर करे मेरे कठिनाई,

दूर करे मेरे कठिनाई, दूर करे मेरे कठिनाई,

वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,

वो है मेरे कृष्णा कन्हाई, वो है मेरे कृष्णा कन्हाई,

लाख दुखो की एक दवाई, लाख दुखो की एक दवाई,

कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,

कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो, कृष्णा कृष्णा बोलो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।