श्याम नाम का जिसने लिया सहारा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम नाम का जिसने लिया सहारा है,

श्याम नाम का जिसने लिया सहारा है,

भवसागर से उनको पार उतारा है,

श्याम नाम का जिसने लिया सहारा है,

भवसागर से उनको पार उतारा है......

जिनके मन में बसे सांवरिया,

होती है आसान डगरिया,

श्याम नाम लगे, भक्तों को ही प्यारा है,

भवसागर से उनको पार उतारा है,

श्याम नाम का जिसने लिया सहारा है,

भवसागर से उनको पार उतारा है........

कदम कदम पर साथ निभाए,

पथ से नहीं भटकने पाए,

सच्चे मन से, जिसने नाम पुकारा है,

भवसागर से उनको पार उतारा है,

श्याम नाम का जिसने लिया सहारा है,

भवसागर से उनको पार उतारा है.......

दर्शन इनके जो भी करता,

एक बार से मन नहीं भरता,

आते शीश झुकाने फिर दुबारा हैं,

भवसागर से उनको पार उतारा है,

श्याम नाम का जिसने लिया सहारा है,

भवसागर से उनको पार उतारा है.......

केशव शर्मा भी ये कहता,

फौज से बेशक पीछे रहता,

बाबा ने जब खुद ही तुम्हे पुकारा है,

भवसागर से उनको पार उतारा है,

श्याम नाम का जिसने लिया सहारा है,

भवसागर से उनको पार उतारा है.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।