थाली भरकर लायी खीचड़ो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

करमा बेटी जाट की,

थी भोली नादान,

भगतां की पत राख ली,

म्हारा खाटू वाला श्याम....

थाली भर कर ल्याई रे खीचड़ो,

ऊपर घी की बाटकी,

जीमों म्हारा श्याम धणी,

जिमावे बेटी जाट की,

या करमा बेटी जाट की......

बाबो म्हारो गाँव गयो है,

ना जाना कद आवेलो,

ऊके भरोसे बैठयो रहयो तो,

भूखो ही रह जावेलो,

आज जिमाऊं तने रे खीचड़ो,

काल राबड़ी छाछ की,

जीमों म्हारा श्याम धणी,

जिमावे बेटी जाट की,

या करमा बेटी जाट की.......

बार बार मंदिर ने जड़ती,

बार बार मैं खोलती,

कईया कोनी जीमे रे मोहन,

करड़ी करड़ी बोलती,

तू जीमे लो जद मैं जीमूं,

मानूं ना कोई लाड की,

जीमों म्हारा श्याम धणी,

जिमावे बेटी जाट की,

या करमा बेटी जाट की.......

परदो भूल गई सांवरियां,

परदो फेर लगायो जी,

धावलीया की ओल बैठ के,

श्याम खीचड़ों खायो जी,

भोला भाला भगता स,

सांवरिया कइयां आंट की,

जीमों म्हारा श्याम धणी,

जिमावे बेटी जाट की,

या करमा बेटी जाट की.......

भक्ति हो तो करमा जैसी,

सांवरियों घर आवेलो,

सोहन लाल लोहकार प्रभु का,

हर्ष हर्ष गुण गावे लो,

सांचों प्रेम प्रभु से हो तो,

मूरत बोले काठ की,

जीमों म्हारा श्याम धणी,

जिमावे बेटी जाट की,

या करमा बेटी जाट की.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।