गुरा दी प्रीत सारे जग नालों मीठी है

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गुरां दी प्रीत सारे जग नालों मीठी है,

उन्हा नू की पता जिन्हा लाके ना डीठि है,

गुरां दी प्रीत.....

रीत प्रीत वाली पूछो मीरा बाई नू,

पूछो मीरा बाई नू भीलनी माई नू,

जूठे बेर खादे राम जात वी ना पूछी है,

गुरां दी प्रीत.....

रीत प्रीत वाली पूछो मर्दाने नू,

पूछो मर्दाने नू, भगत सूदामे नू,

कच्चे चोल खादे श्याम सी वी ना किती है,

गुरां दी प्रीत.....

रीत प्रीत वाली पूछो जी कबीर नू,

पूछो जी कबीर नू नानकी दे वीर नू,

जिन्हा दी वाणी गुरुग्रंथ साहिब विच लिखी है,

गुरां दी प्रीत.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।