माँ अंजनी के प्यारे तूने कर दिए वारे न्यारे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जितने पड़े थे खाली मेरे भर दिए सब भंडारे,

माँ अंजनी के प्यारे तूने कर दिए वारे न्यारे,

जितने पड़े थे खाली मेरे भर दिए सब भंडारे.......

जब से तेरी शरण में आया मेरी मौज बना दी,

जीवन में जितनी चिंता थी तूने सारी मिटा दी,

दूर हुए है मुझसे इस जीवन के संकट सारे,

दूर हुए है मुझसे इस जीवन के संकट सारे,

जितने पड़े थे खाली मेरे भर दिए सब भंडारे,

जितने पड़े थे खाली मेरे भर दिए सब भंडारे.......

मेरे घर में कर दी तूने खुशियों की बरसात,

जितना मैंने सोचा नहीं था उतने कर दिए ठाट,

फुला नहीं समाता बाबा अब मै ख़ुशी के मारे,

फुला नहीं समाता बाबा अब मै ख़ुशी के मारे,

जितने पड़े थे खाली मेरे भर दिए सब भंडारे,

जितने पड़े थे खाली मेरे भर दिए सब भंडारे.......

गूंज रहा है सारे जग में तेरे नाम का डंका,

तेरी ही चौखट पर आकर काम सभी का बनता,

शर्मा की किस्मत के बदले तूने पल में सितारे ,

शर्मा की किस्मत के बदले तूने पल में सितारे,

जितने पड़े थे खाली मेरे भर दिए सब भंडारे,

जितने पड़े थे खाली मेरे भर दिए सब भंडारे,

माँ अंजनी के प्यारे तूने कर दिए वारे न्यारे,

जितने पड़े थे खाली मेरे भर दिए सब भंडारे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।