मीरा दे घुंघरू छन वजदे

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मीरा दे घुंघरू छन वजदे,

कोई सुने नसीबा वाला.....

मीरा दे घुंघरू छन वजदे,

ए घुंघरू शिवा ने सुन लए,

भूल गए डमरु बजाना,

मीरा दे घुंघरू छन वजदे.....

ए घुंगरू मेरे श्याम ने सुन लए,

भूल गए बंसी बजाना,

मीरा दे घुंघरू छन बजे दे.....

ए घुंगरू मेरे राम ने सुन लए,

भूल गए धनुष चलाना,

मीरा दे घुंघरू छन वजदे.....

ए घुंगरू विष्णु ने सुन ले ए,

भूल गए चक्कर चलाना,

मीरा दे घुंघरू छन वजदे...

है गुरु ब्रह्मा ने सुन लए,

भूल गए वेद सुनाना,

मीरा दे घुंघरू छन वजदे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।