तेरे दर जबसे ओ भोले आना जाना हो गया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दर जबसे ओ भोले,

आना जाना हो गया,

आना जाना हो गया मेरा,

आना जाना हो गया,

मिल गई खुशियां सभी मेरा,

तू खजाना हो गया,

तेरे दर जब से ओ भोलें,

आना जाना हो गया.......

बनके भवरा मैं था भटका,

फूल खिला ना मन कभी,

थामी जब उंगली ओ भोले,

जग बेगाना हो गया,

तेरे दर जब से ओ भोलें,

आना जाना हो गया.......

कोई चला ना साथ मेरे,

कहते थे पागल सभी,

तूने रख दिया हाथ सर पे,

मैं सयाना हो गया,

तेरे दर जब से ओ भोलें,

आना जाना हो गया.......

आँखों में आंसू भरे है,

लब पे फरियाद यही,

तेरे चरणों का ये भोले,

दिल दीवाना हो गया,

तेरे दर जब से ओ भोलें,

आना जाना हो गया.......

तेरे बिन कोई ना अपना,

ना अर्चू पहचान है,

तेरी चौखट ही ओ भोले,

अब ठिकाना हो गया,

तेरे दर जब से ओ भोलें,

आना जाना हो गया.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।