नारा सांई दा

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सइयो नाच नाच शगुन मनाइए सहियो गीत ख़ुशी दे गाइए,

मेरा पीर साईं है आया सब खुल के नाचिये गाइए,

नारा साईं दा नारा साईं दा नारा साईं दा मेरे पीर साईं,

ॐ साईं ॐ साईं ॐ साईं साईं राम,

मेनू तेरा ही सहारा साईं तू है पालन हारा,

तेरे वाजो दिल नही लगना मैं साईं साईं केहना,

नारा साईं दा नारा साईं दा नारा साईं दा मेरे पीर साईं,

केहड़े पासे हूँ मैं जावा किस मुहरे दर्द सुनवा ,

तूने ही मेनू देना है तेरा ही नाम लेना है,

नारा साईं दा नारा साईं दा नारा साईं दा मेरे पीर साईं,

सब नच नच खुशिया मनावे,चिंतातेरे दर ते आवे,

तेरा मस्त कालदर दसदा मेरी रूह विच तू वसदा,

नारा साईं दा नारा साईं दा नारा साईं दा मेरे पीर साईं,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।