चल शिव की नगरिया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बम बम बम बम बोले,

चल शिव की नगरिया होले,

मैं तो..

मैं तो काशी शिव में आऊंगा,

गंगा में नहाने,

मैं तो काशी शिव में आऊंगा,

गंगा में नहाने.....

बम बम बम बम बोले,

चल शिव की नगरिया होले,

बम बम बम बम बोले,

चल शिव की नगरिया होले,

मैं तो मैं तो..

मैं तो जल भर के लाऊंगा,

बाबा को चढ़ाने,

बम बम बम बम बोले,

चल शिव की नगरिया होले.....

शिव की महिमा, शिव ही जाना,

जो समझा वो शिव का दीवाना,

जो समझा वो शिव का दीवाना,

शिव की महिमा शिव ही जाना,

जो समझा वो शिव का दीवाना,

शिव ही भक्ति, शिव ही शक्ति,

शिव होता है जीवनधारा,

शिव होता है जीवन धारा,

मैं तो..

मैं तो शिवघर में आऊंगा,

फूलों से सजाने,

मैं तो शिवघर में आऊंगा,

फूलों से सजाने,

बम बम बम बम बोले,

चल शिव की नगरिया होले,

बम बम बम बम बोले,

चल शिव की नगरिया होले,

बम बम बम बम बोले,

चल शिव की नगरिया होले,

बम बम बम बम बोले,

चल शिव की नगरिया होले,

मैं तो जल भर के लाऊंगा,

बाबा को चढ़ाने....

डम डम डमरू बजते यहां पे,

हो जाता बाबा का दर्शन,

हो जाता बाबा का दर्शन,

डम डम डमरू बजते यहां पर,

हो जाता बाबा का दर्शन,

मेरी किस्मत ऐसी होती,

कर देता जीवन को अर्पण,

कर देता जीवन को अर्पण,

मैं तो मैं तो..

मैं तो हर साल में आऊंगा,

सावन को मनाने,

मैं तो हर साल में आऊंगा,

सावन को मनाने,

मैं तो काशी शिव में जाऊंगा,

गंगा में नहाने,

बम बम बम बम बोले,

चल शिव की नगरिया होले,

बम बम बम बम बोले,

चल शिव की नगरिया होले......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।