श्री बाबोसा का जयकारा बोल रहा जग सारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - ये देश है वीर जवानों का

हो.... हो....

श्री बाबोसा का जयकारा, ये बोल रहा है जग सारा,

जरा प्रेम से बोलो.... होय...

तुम प्रेम से बोलो जयकारा,

जरा जोर से बोलो जयकारा......

हो.... हो....

हनुमत के आज्ञाकारी है,

जिन्हें ध्यावे नर ओर नारी है,

माता छगनी के.. होय...

माता छगनी के दुलारे है,

बाबोसा पालनहारे है.....

हो.... हो....

ये वीर बड़े है बलशाली,

ये देव महा शक्तिशाली,

इनकी शक्ति का....होय...

इनकी शक्ति का क्या कहना,

भक्ति इनकी करते रहना......

हो.... हो....

मंजू बाईसा के उपकारी,

दी शक्ति इनको है सारी,

ये संकट सबके.... होय...

ये संकट सबके हरते है,

पूरी ये मुरादे करते है......

हो.... हो....

दिलबर बड़े दिलदार है ये,

भक्तो की नैया पार करे,

आओ मिलकर हम... होय...

आओ मिलकर गुणगान करे,

श्री बाबोसा का ध्यान धरे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।