हनुमान तेरे दर पे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हनुमान तेरे दर पे,

आंखों में जल भर के,

भक्ति की खुशियों से,

झोली मेरा भर दे,

मन में तू लिख दे तेरा नाम,

जपता रहूँ मैं सुबह शाम......

आता रहूँ तेरे दर पे,

रखना सदा हाथ सर पे,

जपता तु जैसे सिया राम,

जपता रहूँ मैं सुबह शाम......

फूलो से करूँ तेरा पूजा,

तुमसा सुर नही दूजा,

रहे जुबां पे हनुमान,

जपता रहूँ मैं सुबह शाम......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।