शिव रात दिया शिव नु बदईया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव रात दिया शिव नु बदईया,

है सज गई हिमाचल दी वादी,

आज शिव पारवती दी है शादी ,

केलाश पति जी आये,

ओ गोरा नाल फेरे लेने नु,

जांज आगे जान दियो ना रोको,

सजे शुकर शनिशर जांगी ते राहू केतो हुब हुब के नाचियाँ ,

घम घम शिव जी दा डमरू वजियाँ,

है सलीम ने शिव विवाह गाया,

के बंगिया दा कमल लिख दा,

के हर पासे शिव शंकर ही दिसदा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।