भोलियाँ तेनु अँखियाँ उडीक दिया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

किसिया पहाडा दिया उते डेरा ला लिया,

गोरा अपनी नु काटो दिल चो भुला लिया ,

भोलियाँ तेनु अँखियाँ उडीक दिया,

किथे गया शम्भू मेरा खोजू हर मंदिर,

तेरे तो बेगेर सुख नही दिल अंदर,

रूस गया मेरे नाल मुखड़ा घुमा लिया,

गोरा अपनी नु काटो दिल चो भुला लिया,

शंकरा तेनु अँखियाँ उडीक दिया....

मैं अनजान तू है अंतर यामी,

मैं सेवक तू है मेरा स्वामी,

तेरे बजो कौन मेरा जग रख्वालियाँ,

गोरा अपनी नु काटो दिल चो भुला लिया,

भोलियाँ तेनु अखियाँ उडीक दिया...........

न मैं मंगदी हीरे ते मोती,

दिल जगाई तेरे नाम वाली ज्योति,

हर सा विच मैं भोले तेनु वासा लिया,

गोरा अपनी नु काटो दिल चो भुला लिया,

भोलियाँ तेनु अखियाँ उडीक दिया...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।