भगत बुलावे घर आज

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

एक बार आओ तो मैया जी मेरे अंगना,

थाने भगत बुलावे घर आज मैया जी मेरे घर आओ......

एक बार आओ तो मैं चौकी बिछा दूंगी,

थारा खूब करुँगी सत्कार मैया जी मेरे घर आओ,

री थाने भगत बुलावे घर आज मैया जी मेरे घर आओ......

एक बार आओ तो मैं चुनरी उढा दूंगी,

थारा खूब करुँगी सिंगार मैया जी मेरे घर आओ,

री थाने भगत बुलावे घर आज मैया जी मेरे घर आओ.......

एक बार आओ तो मैं बैठ जिमाउंगी,

मैं तो हलवा बनाऊँ मेवा डाल मैया जी मेरे घर आओ,

री थाने भगत बुलावे घर आज मैया जी मेरे घर आओ......

एक बार आओ तो मैं भेट चढ़ाउंगी,

थारी धोक लगाऊं सुबह शाम मैया जी मेरे घर आओ,

री थाने भगत बुलावे घर आज मैया जी मेरे घर आओ......

भवन सजाऊँ तेरे भगत बुलाऊं,

तेरा जागरण कराऊँ सारी रात मैया जी मेरे घर आओ,

री थाने भगत बुलावे घर आज मैया जी मेरे घर आओ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।