मैया जी तेरे दर पे

नरेन्द्र चंचल
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैया जी तेरे दर पे जोगी संन्यासी आये है,

मैया जी तेरे दर पे जोगी संन्यासी आये है,

पुरब पश्चिम उत्तर और दक्षिण के वासी आये है,

मैया जी तेरे दर पे जोगी संन्यासी आये है,

मैया जी तेरे दर पे जोगी संन्यासी आये है........

भक्तो के संग आया,

संग है या श्याम का,

भरा पंजाबियो में रंग तेरे नाम का,

भरा पंजाबियो में रंग तेरे नाम का,

सिंधी गुजराती हरियाणवी हिमाचली,

देखने नजारा आए दाती तेरे धाम का,

देखने नजारा आए दाती तेरे धाम का,

त्रिकूट पहाड़ पे तेरे दरबार पे,

त्रिकूट पहाड़ पे तेरे दरबार पे,

मैया तेरे दर्शनो के अभिलाशी आये है,

मैया जी तेरे दर पे जोगी संन्यासी आये है,

मैया जी तेरे दर पे जोगी संन्यासी आये है......

बॉम्बे वालो को तेरे प्यार ने बुलाया है,

दिल्ली वालो को तूने दिल में बसाया है,

दिल्ली वालो को तूने दिल में बसाया है,

गोवा मद्रास नागालैंड के है यातरु,

तेरी ममता ने गले सबको लगाया है,

तेरी ममता ने गले सबको लगाया है,

केरल बंगाल से बिहार गुजरात से,

केरल बंगाल से बिहार गुजरात से,

एमपी यूपी आंध्र के निवासी आये है,

मैया जी तेरे दर पे जोगी संन्यासी आये है,

मैया जी तेरे दर पे जोगी संन्यासी आये है.....

सारे ही जहां वाले तेरे ही दीवाने माँ,

इक तेरी ज्योति है करोड़ो परवाने माँ,

इक तेरी ज्योति है करोड़ो परवाने माँ,

पानी जग सारा तेरे चरणो का पुजारी,

नाम वाले मस्ती के है,

सभी मस्ताने माँ,

नाम वाली मस्ती के है,

सब मस्ताने माँ,

सुख और शांति खुशियाँ जहांन की,

सुख और शांति खुशियाँ जहांन की,

नाम का खजाना लेने धनराशि आये है,

मैया जी तेरे दर पे जोगी संन्यासी आये है,

मैया जी तेरे दर पे जोगी संन्यासी आये है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।