भजन दिन रात करू फिर भी ना मिले भगवान

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भजन दिन रात करू फिर भी ना मिले भगवान....

सखी री बागों में भगवान,

बागों की मालिन मैं बनी, फिर भी ना मिले भगवान,

भजन दिन रात करू फिर भी ना मिले भगवान....

सखी री तालों में भगवान,

तालों की धोबिन मैं बनी, फिर भी ना मिले भगवान,

भजन दिन रात करू फिर भी ना मिले भगवान....

सखी री महलों में भगवान,

महलों की रानी मैं बनी, फिर भी ना मिले भगवान,

भजन दिन रात करू फिर भी ना मिले भगवान.....

सखी री तीरथ में भगवान,

चारों तीरथ मैं करू, फिर भी ना मिले भगवान,

भजन दिन रात करू फिर भी ना मिले भगवान.....

सखी री मंदिर में भगवान,

मंदिर की सेवा मैं करू, फिर भी ना मिले भगवान,

भजन दिन रात करू फिर भी ना मिले भगवान.....

सखी री ह्रदय में भगवान,

ह्रदय के पट खोल दे तुझे तब ही मिलेंगे भगवान,

भजन दिन रात करू फिर भी ना मिले भगवान.....

Shweta Pandey (Varanasi)

"मधुर भजन बेला"

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।