आदत है खाटू वाले की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( ओ मतवारे बावरे,

क्यों है तू बेचैन,

आकर दर श्री श्याम के,

मिला नैन से नैन,

ये जग तपती रेत है,

श्याम सलोना छाँव,

छोड़ के रहना धुप में,

बस खाटू के गाँव॥ )

आदत है खाटू वाले की,

हारे हुए को जिताने की,

मिलती दवा है श्याम के दर पे,

मिलती दवा है श्याम के दर पे,

हंसने और हंसाने की,

आदत हैं खाटू वाले की,

हारे हुए को जिताने की......

जितने भी है इस दुनिया में,

श्याम प्रभु के दीवाने,

कितने भी हालात हो मुश्किल,

कितने भी हालात हो मुश्किल,

हार मानना ना जाने,

आदत हैं खाटू वाले की,

हारे हुए को जिताने की......

आ खाटू के द्वार चला आ,

देख श्याम के नैनन में,

खुशियां ही खुशियां बरसेगी,

खुशियां ही खुशियां बरसेगी,

तेरे पुरे जीवन में,

आदत हैं खाटू वाले की,

हारे हुए को जिताने की......

यहाँ नहीं है देर जरा भी,

और यहाँ अंधेर नहीं,

संकट और मुसीबत गम की,

संकट और मुसीबत गम की,

श्याम के दर पर खैर नहीं,

आदत हैं खाटू वाले की,

हारे हुए को जिताने की.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।