ग्यारस की है रात

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ग्यारस की है रात,

बाबा सुनलो जल्दी आना है,

जो वादा है निभाना है,

ग्यारस की हैं रात......

सुन आशा है मेरी,

अभिलाषा है मेरी,

बस अब तुम आ जाओ,

बातें है बड़ी बड़ी,

जो करना इस घड़ी,

ना देर तुम अब लगाओ,

सुन लो सांवरिया,

सुन लो सांवरिया,

तेरी ज्योत जलाना है,

और बिगड़ी तुम्हे बनाना है,

ग्यारस की हैं रात,

बाबा सुनलो जल्दी आना है,

जो वादा है निभाना है,

ग्यारस की हैं रात.......

सब हो गई तैयारी,

अब तेरी है बारी,

सुनो सांवरे ना देर करो,

लीले चढ़ आ जाओ,

संग मोरछड़ी लाओ,

सुन विपदा है आन पड़ी,

झूम झूम के बाबा,

झूम झूम के बाबा,

हमको सुनलो भजन सुनाना है,

सुन ग्यारस श्याम मनाना है,

ग्यारस की हैं रात,

बाबा सुनलो जल्दी आना है,

जो वादा है निभाना है,

ग्यारस की हैं रात.......

मैं हार चूका जग से,

बस तुझपे भरोसा है,

तुम मेरी अर्जी सुनो,

ना जबतक आएगा,

दास तेरा कैसे गाएगा,

सुन मेरी लाज राखो,

संग ‘मनीष’के ‘सोनी’,

संग ‘मनीष’ के ‘सोनी’,

सुन वही धूम मचाएंगे,

और ग्यारस श्याम मनाएंगे,

ग्यारस की हैं रात,

बाबा सुनलो जल्दी आना है,

जो वादा है निभाना है,

ग्यारस की हैं रात.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।