शिवजी से दिल लगाले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव जी से दिल लगा ले, शिव जी हैं भोले भाले,

कर देंगे पार बेड़ा, किस्मत के खोले ताले,

किस्मत के खोले ताले, मेरे बाबा डमरू वाले,

शिव जी से दिल लगा ले,

शिव जी से दिल लगा ले.......

इस जग में इस जहाँ मे, शिव जी की बरसे माया,

इस जग में इस जहाँ मे, शिव जी की बरसे माया,

दुख ना उसे सताए, दुख ना उसे सताए,

महिमा जो तेरी गाले, मेरे बाबा डमरू वाले,

किस्मत के खोले ताले, मेरे बाबा डमरू वाले,

किस्मत के खोले ताले, मेरे बाबा डमरू वाले,

शिव जी से दिल लगा ले,

शिव जी से दिल लगा ले......

जीवन सफल बना ले, भज ले तू नाम शिव का,

जीवन सफल बना ले, भज ले तू नाम शिव का,

बस चार दिन है जीना, बस चार दिन है जीना,

मन में तू शिव रमा ले, किस्मत के खोले ताले,

मेरे बाबा डमरू वाले, किस्मत के खोले ताले,

किस्मत के खोले ताले, मेरे बाबा डमरू वाले,

शिव जी से दिल लगा ले,

शिव जी से दिल लगा ले……

कण कण मे भोले बाबा, दिखता है नाम तेरा,

कण कण मे भोले बाबा, दिखता है नाम तेरा,

भोले के दर पर आजा, भोले के दर पर आजा,

शिव जी को तू मना ले, किस्मत के खोले ताले,

मेरे बाबा डमरू वाले, किस्मत के खोले ताले,

किस्मत के खोले ताले, मेरे बाबा डमरू वाले,

शिव जी से दिल लगा ले,

शिव जी से दिल लगा ले…….

शिव जी से दिल लगा ले, शिव जी हैं भोले भाले,

कर देंगे पार बेड़ा, किस्मत के खोले ताले,

किस्मत के खोले ताले, मेरे बाबा डमरू वाले,

किस्मत के खोले ताले, मेरे बाबा डमरू वाले,

शिव जी से दिल लगा ले,

शिव जी से दिल लगा ले…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।