तेरी लटा मेरे मन भाई

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरी लटा मेरे मन भाई,

ओ भोले भंडारी,

तेरी लटा मेरे मन भाई,

ओ भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

तेरी लटा मेरे मन भाई,

ओ भोले भंडारी......

तेरी लटा से बह रही गंगा,

तेरी लटा से बह रही गंगा,

नहावे दुनिया सारी,

ओ भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

तेरी लटा मेरे मन भाई,

ओ भोले भंडारी.......

तेरे माथे पर चंदा चमके,

तेरे माथे पर चंदा चमके,

पूजे दुनिया सारी,

ओ भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

तेरी लटा मेरे मन भाई,

ओ भोले भंडारी………

तेरे गले में नागों की माला,

तेरे गले में नागों की माला,

डर जाए दुनिया सारी,

ओ भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

तेरी लटा मेरे मन भाई,

ओ भोले भंडारी……..

तेरे हाथ में डमरू बाजे,

तेरे हाथ में डमरू बाजे,

नाचे दुनिया सारी,

ओ भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

तेरी लटा मेरे मन भाई,

ओ भोले भंडारी……..

तेरी गोदी में गणपति सोहे,

तेरी गोदी में गणपति सोहे,

पूजे दुनिया सारी,

ओ भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

तेरी लटा मेरे मन भाई,

ओ भोले भंडारी......

तेरे संग गौरा विराजे,

तेरे संग गौरा विराजे,

जोड़ी लगे अति प्यारी,

ओ भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

तेरी लटा मेरे मन भाई,

ओ भोले भंडारी…….

नीलकंठ है धाम तुम्हारा,

नीलकंठ है धाम तुम्हारा,

चढ गई दुनिया सारी,

ओ भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

तेरी लटा मेरे मन भाई,

ओ भोले भंडारी…….

नीलकंठ पे मैं भी आई,

नीलकंठ पे मैं भी आई,

कुंडी सोटा संग में लाई,

भांग घोट के पाई,

ओ भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

भंडारी भोले भंडारी,

तेरी लटा मेरे मन भाई,

ओ भोले भंडारी…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।