शंकर ने खुद लिखी है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शंकर ने खुद लिखी है,

श्री राम की कहानी है,

शंकर ने खुद लिखी है,

श्री राम की कहानी…….

है चार घाट इसमें,

वक्ता है चार ज्ञानी,

शंकर ने खुद लिखी है,

श्री राम की कहानी,

शंकर ने खुद लिखी है…….

कहीं याज्ञवल्क्य वक्ता,

बैठे हैं एक किनारे,

कहीं है गरुड़ जी श्रोता,

वक्ता भुसुंडि न्यारे…..

कहीं व्यास है महेश्वर,

श्रोता स्वयं भवानी,

शंकर ने खुद लिखी है,

श्री राम की कहानी…

छंदों में भाव भर कर,

शंकर ने है सुनाया,

गोस्वामी जी ने मथ कर,

अमृतमयी बनाया,

सुख दायनि कथा है,

लगती सुगम्य वाणी,

शंकर ने खुद लिखी है…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।