हे शिव जी हे भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हे शिव जी हे भोले हे शंकर महेश्वर,

बताओ न भगवान में कैसे पुकारुं…

हे शंभू महादेव कैलाश वासी,

बताओ ना बाबा कैसे हो सुनते…

उज्जैनी बसते या केदार डेरा,

बताओ ना भगवन कहा है बसेरा.....

शिवजी सा दाता नहीं कोई दूज्जा,

क्या ब्रम्हा क्या विष्णु सभी करते पूजा......

ना गांजे की बूटी ना भंगिया का प्याला,

मेरा भोले मांगे श्रद्धा सुमन का.....

महाकाल सास्वत हे तारक सदा शिव,

बताओ ना बाबा क्या नाम तुम्हारा….

हे शिव जी हे भोले हे शंकर महेश्वर

बताओ न भगवान में कैसे पुकारुं……

हे शंभू महादेव कैलाश वासी,

बताओ ना बाबा कैसे हो सुनते…

मैं काशी में जाऊं या कैलाश आउं,

मैं गंगा नहाऊं या जल लेके आऊं.....

शिवालय में बसते या मंदिर में डेरा

बताओ त्रिलोकी कहा है बसेरा….

चढ़ावा ना मांगे, ना मांगे तू पैसा,

मेरे शंभु खुश है तेरे सच्चे मन से…….

भस्मी रमाये गौरी प्रियाये,

हे करुणा के सागर मेरी भी तो सुन ले…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।