तू मेहंदीपुर में आ प्रेम से अर्जी लगा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तू मेहंदीपुर में आ प्रेम से अर्जी लगा,

तू मेहंदीपुर में आ प्रेम से अर्जी लगा,

वो संकट देगा काट रे हो जायेंगे तेरे ठाठ रे,

वो संकट देगा काट रे हो जायेंगे तेरे ठाठ रे,

तू मेहंदीपुर में आ प्रेम से अर्जी लगा......

ऐसा कोई दरबार नहीं ऐसा संकट हार नहीं है,

ऐसा कोई दरबार नहीं ऐसा संकट हार नहीं है,

तू कर पूजा पाठ रे हो जायेंगे तेरे ठाठ रे,

तू कर पूजा पाठ रे हो जायेंगे तेरे ठाठ रे,

वो संकट देगा काट रे हो जायेंगे तेरे ठाठ रे......

नहीं रहेगा घोर अँधेरा बाबा ल्यादे नया सवेरा,

नहीं रहेगा घोर अँधेरा बाबा ल्यादे नया सवेरा,

तू काहे देखे बाट रे हो जायेंगे तेरे ठाठ रे,

तू काहे देखे बाट रे हो जायेंगे तेरे ठाठ रे......

भूत प्रेत तो निकट ना आवे बाबा सोठा मार भगावे,

भूत प्रेत तो निकट ना आवे बाबा सोठा मार भगावे,

किलकी रही पाट रे हो जायेंगे तेरे ठाठ रे,

किलकी रही पाट रे हो जायेंगे तेरे ठाठ रे,

वो संकट देगा काट रे हो जायेंगे तेरे ठाठ रे.......

कमल सिंह ने भी आजमाया बाला जी की अद्भुत माया,

कमल सिंह ने भी आजमाया बाला जी की अद्भुत माया,

वो घाले नहीं घाट रे हो जायेंगे तेरे ठाठ रे,

किलकी रही पाट रे हो जायेंगे तेरे ठाठ रे,

वो संकट देगा काट रे हो जायेंगे तेरे ठाठ रे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।