बालाजी मैं कागा तू हंस

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बालाजी मैं कागा तू हंस काग का दाग मिटा दो नै,

बालाजी मैं कागा तू हंस काग का दाग मिटा दो नै,

काग का दाग मिटा दो ना प्रेम का रंग चढ़ा दो नै,

काग का दाग मिटा दो ना प्रेम का रंग चढ़ा दो नै,

बालाजी मैं कागा तू हंस काग का दाग मिटा दो नै.....

दुनिया कहे तने संकटहारी,

दुनिया कहे तने संकटहारी,

संकट आया मेरे पे भारी,

संकट आया मेरे पे भारी,

काला कहती दुनिया सारी भूरा मने बना दो नै,

काला कहती दुनिया सारी भूरा मने बना दो नै,

बालाजी मैं कागा तू हंस काग का दाग मिटा दो नै.....

थारे हाथ में बाबा शक्ति,

थारे हाथ में बाबा शक्ति,

करूँ मै दोनू बढ़ता भक्ति,

करूँ मै दोनू बढ़ता भक्ति,

जिस ते मिलज्या मने किते मुक्ति रस्ता ईसा बता दो नै,

बालाजी मैं कागा तू हंस काग का दाग मिटा दो नै…..

धाम थारे महेंदी पुर डोलूं,

धाम थारे महेंदी पुर डोलूं,

प्रेम जय जयकारा बोलूं,

प्रेम जय जयकारा बोलूं,

बणाके हंसा मोती टोहलियुं मेरे पै मेहर फिरादयो नै,

बालाजी मैं कागा तू हंस काग का दाग मिटा दो नै….

कमल सिंह और नहीं कुछ चाहता,

कमल सिंह और नहीं कुछ चाहता,

थारे तै जुड्या रहे मेरा नाता,

थारे तै जुड्या रहे मेरा नाता,

अर्जी याहे सोच ले लाता बेड़ा पार लगा दो नै,

बालाजी मैं कागा तू हंस काग का दाग मिटा दो नै…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।