दो आंसू तो दे दे चरणों में बहाने को

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कुछ दे या ना दे श्याम इस अपने दीवाने को,

दो आंसू तो दे दे, चरणों में बहाने को,

दो आंसू तो दे दे…….

नरसी ने बहाये थे, मीरा ने बहाये थे,

जब जब भी कोई रोया, तुम दौड़ के ए थे,

काफी हे दो बुँदे, घनश्याम रिझाने को,

दो आंसू तो दे दे…….

आंसू वो खजाना हे, किस्मत से मिलता हे,

इनके बह जाने से, मेरा श्याम पिघलता हे,

करुणा का तू सागर हे, अब छोड़ बहाने को,

दो आंसू तो दे दे…….

दुःख में बह जाते हे, खुशियों में जरुरी हे,

आंसू के बिना संजू, हर आंख अधूरी हे,

पूरा करते आंसू हर एक हर्जाने को,

दो आंसू तो दे दे…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।