तू लीले चढ़ करके आजा

संजय मित्तल
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ खाटू के राजा,

तू लीले चढ़ करके आजा,

ओ कलयुग के राजा,

तू लीले चढ़ करके आजा,

संकट मेरे सिर पर भारी,

बाजी मैंने सब हारी,

मेरे संकट आके मिटा जा,

मेरे संकट आके मिटा जा,

सिर मोरछड़ी तू फिरा जा,

ओ कलयुग के राजा,

तू लीले चढ़ करके आजा……..

दुनिया में प्रभु लाज का गहना,

सबसे महंगा होता है,

अपने हाथों लाज बचा लूँ,

ये ना मुझसे होता है,

मेरी लाज बचाने आजा,

हारे को जिताने आजा.

सिर मोरछड़ी तू फिरा जा,

ओ कलयुग के राजा,

तू लीले चढ़ करके आजा……..

नैया जिसकी डूबती उसको,

कहीं ना सहारा मिलता है,

जिस नैया पे नज़रे हो तेरी,

उसको किनारा मिलता है,

मुझे देने सहारा आजा,

मुझे देने किनारा आजा,

सिर मोरछड़ी तू फिरा जा,

ओ कलयुग के राजा,

तू लीले चढ़ करके आजा……..

मैं मुश्किल में हूँ प्रभु इसमें,

गलती ना कोई तुम्हारी है,

खुद पे भरोसा कर बैठा था,

ये ही गलती हमारी है,

मेरी गलती भुला के आजा,

मेरा जीवन सफल बना जा,

सिर मोरछड़ी तू फिरा जा,

ओ कलयुग के राजा,

तू लीले चढ़ करके आजा……..

ओ खाटू के राजा,

तू लीले चढ़ करके आजा,

ओ कलयुग के राजा,

तू लीले चढ़ करके आजा,

संकट मेरे सिर पर भारी,

बाजी मैंने सब हारी,

मेरे संकट आके मिटा जा,

मेरे संकट आके मिटा जा,

सिर मोरछड़ी तू फिरा जा,

ओ कलयुग के राजा,

तू लीले चढ़ करके आजा……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।