सूना है मेरा घर द्वार

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सुना है मेरा घर द्वार भोले घर मेरे आजा....

तुझको सुनानी तुझको बतानी मैंने दिल की कहानी,

रोते रोते सुख गया है बाबा आँखों से पानी,

भर दे मेरे भी भंडार,

भोले घर मेरे आजा......

तुझको भजु मैं शाम सवेरे बनके तेरा दीवाना,

मुझको भी दे दे भोले बाबा खुशियों का खजाना,

मिल जाए मुझको भी करार,

भोले घर मेरे आजा......

राह में पलके मैंने बिछाई भोले बाबा तेरी,

आ भी जा तू दूर ये कर दे रात अँधेरी,

किस्मत को मेरी दे सवार,

भोले घर मेरे आजा.....

तू जो ना आया हे शिव शंकर मैं ना जिन्दा रहूँगा,

मर भी गया तो हे शिव शम्भु तुझसे मैं ये कहूँगा,

माटी को ही ले तू निहार,

मुझको मुक्ति का दे दे संसार तू,

सुना है मेरा घर द्वार……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।