मैया जी लब खोलिये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय जय माँ अम्बे माँ जय माता दी

मैया जी लब खोलिये भक्तो से कुछ बोलिये,

मैया जी लब खोलिये भक्तो से कुछ बोलिये,

बोलिये जी बोलिये भक्तो से कुछ बोलिये,

बोलिये जी बोलिये भक्तो से कुछ बोलिये,

मैया जी लब खोलिये भक्तो से कुछ बोलिये,

मैया जी लब खोलिये भक्तो से कुछ बोलिये.....

हमने सुना है तूने लाखो को तारा,

हमने सुना है तूने लाखो को तारा,

फिर आज हमसे क्यों किनारा,

फिर आज हमसे क्यों किनारा,

हमने सुना है तूने लाखो को तारा फिर आज हमसे क्यों किनारा,

तेरे दरबार में भक्तो की कतार में हम भी खड़े हो लिए भक्तो से कुछ बोलिये,

मैया जी लब खोलिये भक्तो से कुछ बोलिये.....

मिलता सुकून मैया तेरे दरबार में,

मिलता सुकून मैया तेरे दरबार में,

आजा दो बाते कर ले खड़े इन्तजार,

आजा दो बाते कर ले खड़े इन्तजार,

मिलता सुकून मैया तेरे दरबार में आजा दो बाते कर ले खड़े इन्तजार,

माँ शेरावालिये माँ पहाड़ा वालिये भक्तो के मन मोह लिए,

भक्तो से कुछ बोलिये,

मैया जी लब खोलिये भक्तो से कुछ बोलिये.....

तेरे दर को छोड़ मैया किस दर जाएंगे,

तेरे दर को छोड़ मैया किस दर जाएंगे,

हमसे मुँह ना मोड़ मैया हम तो मर जाएंगे,

हमसे मुँह ना मोड़ मैया हम तो मर जाएंगे,

तेरे दर को छोड़ मैया किस दर जाएंगे,

हमसे मुँह ना मोड़ मैया हम तो मर जाएंगे,

दुखी संसार में मैया जी तेरे प्यार में ख़ुशी के पल डोलिये,

भक्तो से कुछ बोलिये,

मैया जी लब खोलिये भक्तो से कुछ बोलिये,

बोलिये जी बोलिये भक्तो से कुछ बोलिये,

बोलिये जी बोलिये भक्तो से कुछ बोलिये,

मैया जी लब खोलिये भक्तो से कुछ बोलिये,

मैया जी लब खोलिये भक्तो से कुछ बोलिये......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।