क्या क्या किया जनाब

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॥ पावन पाठ ॥

क्या क्या किया जनाब,

वहां सब हिसाब है,

अच्छा किया या खराब,

वहां सब हिसाब है.....

एक अदालत यहा एक अदालत वहां,

एक अदालत यहा एक अदालत वहां,

सोच के रखो तू जवाब वहा सब हिसाब है,

अच्छा किया या खराब वहा सब हिसाब है......

गुनाह करता था जब लगा सुनसान है,

देख रहा था आस पास वहां सब हिसाब है.....

अच्छा किया या खराब,

वहा सब हिसाब है,

क्या क्या किया है तू जनाब,

वहा सब हिसाब है.....

जिहवा सुख के लिए,

जीव का वध किया,

जितना चबाये हो कबाब,

वहां सब हिसाब है.....

अच्छा क्या या खराब,

वाहा सब हिसाब है,

क्या क्या किया है तू जनाब,

वहां सब हिसाब है.....

वहां रिश्वत भला,

किसको दोगे फणी,

पेड़ पौधा भी है गावाह,

वहां सब हिसाब है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।