खाटूवाले जैसा कोई भी नहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जग रखवाला मेरा श्याम श्याम श्याम,

भक्तों का प्यारा मेरा श्याम श्याम श्याम.....

मैंने घूमा हिन्दुस्तान सारा, छाना ये जहान सारा,

खाटूवाले श्याम जैसा कोई भी नहीं,

छोटे सेठ ये हैं जग के सारे, बनते साहूकार न्यारे,

दाता एक श्याम जैसा कोई भी नहीं,

रखवाला श्याम प्रतिपाला श्याम,

डीनो का एक सहारा श्याम,

ये एक नाम करता कल्याण,

भेज श्याम श्याम रट श्याम श्याम.....

दर पे हारों को जिताता ये, रोतों को हंसाता ये,

बिगड़ी बनाता बाबा श्याम,

जिसे जग ठुकराता है उसे अपनाता है,

गले से लगाता बाबा श्याम,

साँचा साँचा सांवरे का द्वारा,

पापियों को जिसने तारा,

धाम खाटूधाम जैसा कोई भी नहीं......

बंजारों को छाँव दे, डूबतों को नाव दे,

ऐसा है दयालु बाबा श्याम,

जो भी अंतर्मन से नाम ले उसको आके थाम ले,

ऐसा है कृपालु बाबा श्याम,

गोलू शरण में आजा प्यारे हो जाएंगे वारे न्यारे,

कृपा निधान जैसा कोई भी नहीं.....

हम तो प्रेम की बाजी सारी हारे, लगते बेगाने सारे,

बहरूपियों का ये जहाँ

मतलब हो तो सारे साथ निभाते बिन मतलब हाथ छुड़ाते,

श्याम सा साथी है कहाँ,

मैंने घूमा हिन्दुस्तान सारा,

छाना ये जहांन सारा,

खाटू वाले श्याम जैसा कोई भी नहीं,

झूठे सेठ है ये जग के सारे,

बनते साहूकार न्यारे,

बनता एक श्याम जैसा कोई भी नहीं......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।