आयो आयो नन्द किशोर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आयो आयो नन्द किशोर,

आयो आयो नन्द किशोर,

ऐस्यो भात भरयो सांवरियो,

शोर मच्यो चहुँ ओर,

आयो आयो नन्द किशोर,

आयो आयो नन्द किशोर......

भाई बन के श्याम सलौनो,

भात भरण ने आयो,

भावज रूप में भामा,

रुकमण ने सागे ल्यायो,

छलक पड़ी नरसी की आंख्या,

होके भाव विभोर,

आयो आयो नन्द किशोर,

आयो आयो नन्द किशोर……..

भर भर ल्यायो थाल सांवरो,

रत्न जडित आभुषण,

तारां जड़ी चुंदड़ी लेके,

नांचे भामा रूकमण,

नानी की हिवड़े में नाच्या,

देखो मन का मोर,

नानी की हिवड़े में नाच्या,

देखो मन का मोर,

आयो आयो नन्द किशोर,

आयो आयो नन्द किशोर…….

एसो भात भरयो नानी को,

हर कोई रह गया दंग,

हर कोई रंग गयो रंग में,

छाई आज उमंग,

जादगारो जादू कर गयो,

सांवरियो चित्त चोर,

आयो आयो नन्द किशोर,

आयो आयो नन्द किशोर…..

निज भक्तां को मान बढ़ावण,

दोड्यो दोड्यो आवे,

भाव को भूखो श्याम सलौनो,

झट से काम पटावे,

रोमी गावे प्रभु की महिमा,

बाँध प्रीत की डोर,

आयो आयो नन्द किशोर,

आयो आयो नन्द किशोर……..

आयो आयो नन्द किशोर,

आयो आयो नन्द किशोर,

ऐस्यो भात भरयो सांवरियो,

शोर मच्यो चहुँ ओर,

आयो आयो नन्द किशोर,

आयो आयो नन्द किशोर…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।