राम रस जिसने भी पिया

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम रस जिसने भी पिया उसका तो हो गया बेड़ा पार.....

राम रस भीलनी पी गयी सारा,

टोकरे पे बुला लिए भगवन,

बेर भीलनी के खाये भीलनी का हो गया बेड़ा पार,

राम रस जिसने भी पिया उसका तो हो गया बेड़ा पार.....

राम रस मीरा पी गयी सारा,

कटोरे पे बुला लिए भगवन,

जहर का अमृत बणग्या मीरा का हो गया बेड़ा पार,

राम रस जिसने भी पिया उसका तो हो गया बेड़ा पार.....

राम रस द्रौपदी पी गयी सारा,

सभा मैं बुला लिए भगवान,

चीर अम्बर पे ऐ अड गया द्रौपदी का हो गया बेड़ा पार,

राम रस जिसने भी पिया उसका तो हो गया बेड़ा पार…...

राम रस नरसी पी गया सारा,

पाटडे पे बुला लिया भगवान,

भात हरनंदी का भर गया नरसी का हो गया बेड़ा पार,

राम रस जिसने भी पिया उसका तो हो गया बेड़ा पार......

राम रस अर्जुन पी गया सारा,

के रथ पे बुला लिए भगवान,

ज्ञान गीत का ऐ हो गया अर्जुन का हो गया बेड़ा पार,

राम रस जिसने भी पिया उसका तो हो गया बेड़ा पार......

राम रस संगत पी गयी सारा,

संगत ने बुला लिए भगवान,

दर्श संगत ने हो गये संगत का हो गया बेड़ा पार,

राम रस जिसने भी पिया उसका तो हो गया बेड़ा पार.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।