सांवरे जिंदगी मिल गई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आके तुम्हारी शरण मे हर खुशी मिल गई,

तुम क्या मिले सांवरे जिंदगी मिल गई,

अंधियारी रातो को मेरे रोशनी मिल गई,

तुम क्या मिले सांवरे जिंदगी मिल गई.....

खुशिया गुमसुम थी सोई तकदीरें थी,

मुजसे खफा मेरी हाथों की लकीरें थी,

मुझपे जो पड़ी आपकी नजर,

बदली जिंदगी मेरी इस कदर,

मिला खुशियों का पता मिली जो तेरी डगर,

मुरझाए चेहरे को मेरे,

अब हंसी मिल गई,

तुम क्या मिले सांवरे जिंदगी मिल गई.....

मेरी मन बगिया का प्रभु तू ही माली है,

करता सांसो की तूही रखवाली है,

तेरे नाम से मेरा नाम है,

तुमसे ही बनी ये पहचान है,

कितने प्रभु मुझ पर तेरे ये अहसान है,

मुझको तेरे नाम रस की ये,

बेखुदी मिल गई,

तुम क्या मिले सांवरे जिंदगी मिल गई.....

मेरे हर ख्वाबो को बदला हकीकत में,

मुझको मिला जो भी लिखा जो न किस्मत में,

तेरे दर की तो यही रीत है,

हारे को यहाँ मिली जीत है,

सोनू को भी अपना बनाया प्रभु ये तेरी प्रीत है,

जन्मों जन्म तेरे दर की ये,

बंदगी मिल गई,

तुम क्या मिले सांवरे जिंदगी मिल गई....

आके तुम्हारी शरण मे हर खुशी मिल गई,

तुम क्या मिले सांवरे जिंदगी मिल गई....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।